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| Ranchi- न पुलिस, न मास्क, न सोशल डिस्टेंसिंग, बकरा बाजार में मेले जैसा माहौल |
राजधानी में रविवार को लॉकडाउन (Lockdown) के होने के बावजूद भी सिटी के बीचों-बीच मेन रोड पर बकरीद को लेकर बकरे का मार्केट लगाया गया. सिटी के बीचों-बीच लगे इस बाजार को रोकने के लिए वहाँ पर पुलिस प्रशासन की एक भी टीम मौजूद नहीं थी, जबकि लॉकडाउन के दौरान रविवार को प्रशासन की ओर से बार-बार सख्ती के निर्देश दिये जाते हैं।
रांची - राजधानी में रविवार को लॉकडाउन (सवबाकवूद) के बावजूद सिटी के बीचों-बीच मेन सड़क में बकरीद को लेकर बकरे का बाजार (हवंज उंतामज) लगाया गया।
सबसे बड़ी दुर्भाग्य की बात यह है कि सिटी के बीचों-बीच लगे इस बाजार को रोकने के लिए वहां पर पुलिस प्रशासन की कोई भी टीम मौजूद नहीं थी, जबकि लॉकडाउन के दौरान रविवार को प्रशासन की ओर से बार-बार सख्ती के सख्ती के निर्देश दिये जाते हैं। इसके बावजूद राजधानी में लॉकडाउन के दौरान सरकारी गाइडलाइन्स का सरेआम उल्लंघन किया गया।
दुःख की बात यह है कि इस बाजार में अधिकांश लोगों के चेहरे से मास्क नहीं लगे थे। बाजार में बकरे बेचने हेतु पहुंचे अल्ताफ से जब प्रश्न पूछा गया कि क्या आज आपको लॉकडाउन में बाजार लगाने की अनुमति है ? तो इस प्रश्न पर अल्ताफ ने थोड़ी देर चुप रहने के बाद इस प्रश्न को स्वीकार किया और कहा कि प्रशासन की मर्जी के बगैर चोरी-छिपे इस बकरे बाजार को लगाया गया है, जो सरकारी गाइडलाइन्स के विरूद्ध है।
वसी बकरे बाजार में बकायदा हाथ में बकरे की रस्सी पकड़कर कुर्सी पर बैठे बुजुर्ग सुल्तान मियां से यही प्रश्न पूछा गया तो उन्होंने बताया कि बकरीद में अब सिर्फ दो दिन बचे हैं. ऐसे में कारोबार कैसे चलेगा. उन्होंने बकरे का बाजार लगाने को अपनी मजबूरी बताया।
बाजार में बकरा खरीदने पहुंचे खुर्शीद मियां कैमरा देखते ही पीछे हटने का प्रयास करने लगे और पूछने पर उन्होंने बताया कि लॉकडाउन में सस्ता बकरा मिलने की उम्मीद से आज वह बाजार पहुंचे थे, लेकिन दुर्भाग्य की बात यह रही कि बकरे के इस बाजार में कई लोगों के चेहरे से मास्क नदारद थे.
आपको बता दें कि महामारी काल के दौरान में भीड़भाड़ से बचने के लिए सरकार की तरफ से जगन्नाथपुर मेले एवं रथयात्रा को भी इस बार निकालने की अनुमति नहीं प्रदान की गई और. न ही पिछले साल देवघर में कंावड़ यात्रा निकालने की अनुमति दी गई थी. राजधानी में सरकारी गाइडलाइन्स की धज्जियां उड़ाने वाले इस बकरे के बाजार का जायजा लिया.
